जगराओं (संजीव मल्होत्रा): स्थानीय तहसील कार्यालय में स्थित सुविधा केंद्र इन दिनों आम लोगों के लिए 'दुविधा केंद्र' साबित हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस केंद्र में कुल सात काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन वर्तमान में सिर्फ दो काउंटर ही चालू हालत में हैं। इसके कारण अपना काम करवाने आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर असला लाइसेंस की प्रामाणिकता और अन्य जरूरी प्रशासनिक कामों के लिए पहुंच रहे लोग कई-कई चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सुविधा केंद्र में मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि ज्यादातर स्टाफ की ड्यूटी सरकार की 10 लाख रुपये वाली स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत कार्ड बनाने में लगाई गई है, जिसके कारण आम कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
इस मामले को लेकर नगर सुधार सभा के प्रधान अवतार सिंह और सचिव कंवलजीत खन्ना ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब सरकार को ऐसे विशेष प्रोजेक्ट्स के लिए अलग से स्टाफ भर्ती करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में सुधार जैसे कामों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके परिणामस्वरूप, पहले से ही स्टाफ की कमी से जूझ रहे सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई राम भरोसे चल रही है। नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को विपक्ष में रहते हुए किए गए वादों की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय वह इन मियादी (अस्थायी) कामों के लिए अलग विभाग और स्टाफ बनाने की बात जोर-शोर से करते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार इन अहम मुद्दों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है।
नेताओं ने आगे बताया कि जब लोग इस अव्यवस्था को लेकर अपना रोष दर्ज करवाने के लिए उच्च अधिकारियों से मिलने गए, तो कार्यालय में न तो एडीसी (ADC), न एसडीएम (SDM) और न ही कोई तहसीलदार उपस्थित मिला। उन्होंने कहा कि आम लोग अपनी दिहाड़ी छोड़कर और पैसा खर्च करके दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की गैर-हाजिरी के कारण उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नगर सुधार सभा के नेताओं ने मुख्यमंत्री पंजाब से पुरजोर मांग की है कि लोगों की हो रही इस परेशानी को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तुरंत और ठोस कदम उठाए जाएं।
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